उन्नति परियोजना

प्रगति फाउडेषन द्वारा संचालित उन्नति परियोजना एक महत्वपूर्ण परियोजना है जिसका प्रमुख उद्वेष्य राज्य में समाजिक विकास के अन्र्तगत व्यक्ति के व्यवसायिक,औधैागिक कौषल का विकास हो जिससे उनका आर्थिक सुदृढ़ंीकरण हो सके। इस महत्वपूर्ण योजना के अन्र्तगत राज्य में निवासित व्यक्ति व संस्था /समूह कां आर्थिक विकास हो सके तथा इन अर्जित व्यवसायिक,औधैागिक कौषलो के माघ्यम से विषेश आर्थिक संरचना का सुव्यवथित रूप से निर्माण हो सके। उन्नति परियोजना का लक्ष्य इनके स्थापना व संचालन में सहयोग प्रदान करना है। विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियो के द्वारा राज्य में रोजगार के अवसर को बढावा मिलें। सम्पूर्ण राज्य में लघु उधेाग, पषुपालन उधेाग, डेयरी उधेाग के साथ साथ छोटे छोटे औधैागिक प्रतिश्ठानो का स्थापना हो सके। इनके निर्माण के लिए वित की व्यवस्था के साथ संचालन में सहयोग प्रदान करना।इसके साथ ही राज्य के निवासियो का आर्थिक सुदृढ़ंीकरण हेतु विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन करना। विभिन्न कार्यक्रम के द्वारा सूक्ष्म अनुदान की सुविधा प्रदान करना एंव उनका आर्थिक विकास हेतु दीर्घ व लघु अवधि वाला ऋण, बचत, व जमा खाता की सुविधा प्रदान करना तथा संचालन करना। जिनसे उनका आर्थिक विकास हो सके।.

वर्तमान में आधारभूत सुविधा में षिक्षा को भी ्यषामिल किया जाता है और अनुभव किया गया है की षिक्षा द्वारा विविध-क्षेत्रो की दिषा व दषा में व्यापक सुधार किया जा सकता है। केन्द्रीय व राज्य की षिक्षा-प्रणाली को ध्यान में रखते हुए प्रगति फाउंडेषन बिहार के द्वारा महत्वपूर्ण परियोजना‘ शिक्षा प्रोत्साहन परियोजना’की नंींव रखी गई है ।इस परियोजना का मुख्य उद्वेष्य समाज तथा राज्य में निहित प्रतिभाषाली /प्रतिभावान छात्र छात्राओ की पहचान कर उनके रास्ते में उपस्थित बाधाओ को दूर करके सबल बनाना तथा इसके साथ ही कुशल मार्गदर्षन की सुविधा को उपलब्ध कराना जिससे वह अपनी लक्ष्य को प्राप्त कर सफल हो सकें तथा राज्य के साथ-साथ राष्ट्र व समाज कांे गौरवान्वित कर सके ।

परियोजना का उद्वेष्य:-
प्रतिभाषाली व्यक्ति /संस्था /समूह की पहचान करना जिसके माध्यम से एक विषेश आर्थिक मंच का निर्माण हो सके।
लघु उधोग, पषुपालन उधेाग, डेयरी उधेाग के साथ साथ छोटे उधेागो का विकास व संचालन में सहयोग प्रदान करना ।
राज्य में रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर को बढ़ावा देना।
सरकारी व गैर सरकारी संगठन की सहायता व साझेदारी के माध्यम द्वारा उधेागो की स्थापना व संचालन करने मे सहयोग प्रदान करना।
व्यवसायिक प्रतिश्ठानो लघु उधोग पषुपालन उधेाग डेयरी उधेाग फुटपाथी दुकानो की स्थापना व संचालन में सहयोग करना।
छोटे व्यपारियो व व्यवसायिको के साथ दुकानदारो को दीर्घ व लघु अवधि वाला ऋण तथा जमा खाता का संचालन करना।
व्यक्तिगत, व्यवसायिक, औधैागिक संबघित दैनिक व मासिक जमा खाता,बचत खाता व ऋण खाता का संचालन।

पात्रता/अर्हता:-
बिहार राज्य का निवासी हो/राज्य सरकार द्वारा निबंधित हो/स्थानीय निकाय द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।
व्यक्तिगत लाभ में उम्र २५ वर्श से ५॰ वर्श होना चाहिए |
समूह लाभ में ४ वर्श पूर्व निबंधन/संस्थागत ३ साल निबंधन पुराना हो।
व्यक्ति/समूह/संस्था किसी भी सरकारी व गैर सरकारी योजना का लाभ प्राप्त किया हो तो उसका विवरण ।